कोरोना वायरस की जांच कराता शख्स (फाइल फोटो)

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कोरोना वायरस की जांच कराता शख्स (फाइल फोटो)
– फोटो : पीटीआई

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कोरोना संक्रमण के मामले में चीन के वुहान शहर को भी मात दे चुकी मुंबई में अब कोविड-19 के मरीज पहले से अधिक संख्या में स्वस्थ हो रहे हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि संक्रमण भी घट रहा है, जिससे मुंबई में अब 25 दिन में मरीजों के बढ़ने की संख्या दोगुनी हो रही है। जबकि 30 मई तक 20 दिन में ही दोगुना मरीज हो जाते थे। वहीं, ग्रोथ रेट भी 4.93 फीसदी था, लेकिन अब नए मामलों में बृद्धि दर 2.82 पर पहुंच गई है।

मार्च महीने में कोरोना संक्रमण काल की शुरुआत से लेकर जून महीने के बीच कोरोना मामलों में कई तरह का उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। किसी दिन कोरोना मरीजों की संख्या अचानक बढ़ जाती है तो किसी दिन कम हो जाती है। देश में कोरोना मरीजों के दोगुना होने की दर 16 दिन बताई जा रही है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के कोविड -19 स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया है कि मुंबई में अलग-अलग इलाकों में कोरोना मरीजों के बढ़ने की दर भी अलग है।

मुंबई के वडाला, सायन कोलिवाड़ा, दादर और भायखला में जहां कोरोना सबसे ज्यादा कहर ढ़ा रहा था, अब वहां डिस्चार्ज रेट 50 फीसदी है। वहीं, एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी, माहिम और दादर में भी डिस्चार्ज रेट 44 फीसदी हो गया है। हालांकि पश्चमी उपनगर मालाड और बोरीवली में अभी कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने का औसत 12-13 फीसदी ही है जो अन्य इलाकों के अनुपात में काफी कम है।

दहिसर और मलाड कोरोना के नए हॉटस्पॉट

दक्षिण मुंबई में अप्रैल और मई महीने में जब कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे थे तब पश्चिमी उपनगर में सबसे कम कोरोना के केस थे। अब जब धारावी, वरली भायखला में ग्रोथरेट कम हो रही है, तब पश्चिमी उपनगर में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हाल के दिनों के आंकड़े देखें तो मुंबई के उत्तरी छोर दहिसर और मलाड कोरोना के नए हॉटस्पाट बन गए हैं। दहिसर में सबसे अधिक 6 प्रतिशत, तो मलाड में कोरोना संक्रमण की बृद्धि दर 5.6 फीसदी हो गई है।

मुंबई के धारावी, दादर, माहिम, वडाला, कुर्ला, माटुंगा, भायखला, अंधेरी, सांताक्रुज, बांद्रा पूर्व में तीन हजार से ज्यादा कोरोना के मरीज हैं। वहीं, सांताक्रुज, खार, परेल, वरली, घाटकोपर, चेंबूर, कांदिवली और मलाड में कोरोना संक्रमितों की संख्या ढाई हजार से अधिक है। जबकि कुलाबा, भांडुप, मुलुंड में कोरोना मरीजों की संख्या दो हजार से कम है। 

आईसीयू में 99 फीसदी बेड फुल  

मुंबई में कोविड-19 मरीजों के लिए कुल बेड क्षमता 17,835 है जिसका 75 प्रतिशत यानी 13,390 बेड मरीजों से भरे पड़े हैं। वहीं, आईसीयू बेड क्षमता 1158 है जिसमें से 1142 बेड पर मरीज हैं। मतलब आईसीयू के 99 फीसदी बेड भर चुके हैं। ऑक्सीजन बेड की क्षमता 5181 है जिसमें 3948 मरीज हैं। इसी प्रकार वेंटिलेटर बेड की संख्या 503 है, जिस पर 481 मरीजों का इलाज चल रहा हैं। यानि वेंटिलेटर भी 96 फीसदी फुल हो चुका है। डीसीएच- डीसीएचसी बेड क्षमता 10,314 है जिसमें से 9,065 पर मरीज हैं।

कोरोना संक्रमण के मामले में चीन के वुहान शहर को भी मात दे चुकी मुंबई में अब कोविड-19 के मरीज पहले से अधिक संख्या में स्वस्थ हो रहे हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि संक्रमण भी घट रहा है, जिससे मुंबई में अब 25 दिन में मरीजों के बढ़ने की संख्या दोगुनी हो रही है। जबकि 30 मई तक 20 दिन में ही दोगुना मरीज हो जाते थे। वहीं, ग्रोथ रेट भी 4.93 फीसदी था, लेकिन अब नए मामलों में बृद्धि दर 2.82 पर पहुंच गई है।

मार्च महीने में कोरोना संक्रमण काल की शुरुआत से लेकर जून महीने के बीच कोरोना मामलों में कई तरह का उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। किसी दिन कोरोना मरीजों की संख्या अचानक बढ़ जाती है तो किसी दिन कम हो जाती है। देश में कोरोना मरीजों के दोगुना होने की दर 16 दिन बताई जा रही है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के कोविड -19 स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया है कि मुंबई में अलग-अलग इलाकों में कोरोना मरीजों के बढ़ने की दर भी अलग है।

मुंबई के वडाला, सायन कोलिवाड़ा, दादर और भायखला में जहां कोरोना सबसे ज्यादा कहर ढ़ा रहा था, अब वहां डिस्चार्ज रेट 50 फीसदी है। वहीं, एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी, माहिम और दादर में भी डिस्चार्ज रेट 44 फीसदी हो गया है। हालांकि पश्चमी उपनगर मालाड और बोरीवली में अभी कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने का औसत 12-13 फीसदी ही है जो अन्य इलाकों के अनुपात में काफी कम है।

दहिसर और मलाड कोरोना के नए हॉटस्पॉट

दक्षिण मुंबई में अप्रैल और मई महीने में जब कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे थे तब पश्चिमी उपनगर में सबसे कम कोरोना के केस थे। अब जब धारावी, वरली भायखला में ग्रोथरेट कम हो रही है, तब पश्चिमी उपनगर में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हाल के दिनों के आंकड़े देखें तो मुंबई के उत्तरी छोर दहिसर और मलाड कोरोना के नए हॉटस्पाट बन गए हैं। दहिसर में सबसे अधिक 6 प्रतिशत, तो मलाड में कोरोना संक्रमण की बृद्धि दर 5.6 फीसदी हो गई है।


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मुंबई के इन इलाकों में हैं तीन हजार से ज्यादा मरीज

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