भारत और चीन के बीच मई महीने की शुरुआत से ही लद्दाख बॉर्डर के पास तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था.भारत और चीन के बीच पिछले काफी समय से लद्दाख में जारी विवाद अब और भी गहरा गया है. पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन (India China Faceoff) के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. गलवान घाटी में सेनाओं को पीछे करने की कवायद के दौरान बीती रात हिंसक झड़प हो गई. इस झड़प में भारतीय सेना के अफसर और दो जवान शहीद हो गए हैं.बताया जा रहा है कि केवल भारत की तरफ ही नहीं बल्कि चीन की तरफ भी कुछ सैनिकों को चोट पहुंची है. बताया जा रहा है कि लाठी डंडे और पत्थरों से लड़ाई हुई, जिसमें दोनों ओर के सैनिक मारे गए हैं. चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने चीन के 4 सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है.

लंबे समय से चल रही थी बातचीत की कोशिश

भारत और चीन के बीच मई महीने की शुरुआत से ही लद्दाख बॉर्डर के पास तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था. चीनी सैनिकों ने भारत द्वारा तय की गई LAC को पार कर लिया था और पेंगोंग झील, गलवान घाटी के पास आ गए थे. चीन की तरफ से यहां पर करीब पांच हजार सैनिकों को तैनात किया गया था, इसके अतिरिक्त सैन्य सामान भी इकट्ठा किया गया था.

53 साल के बाद हिंसा

भारत-चीन सीमा पर ​दोनों देशों की सेनाओं के बीच 53 साल के बाद बात हिंसा तक पहुंची है. इससे पहले 20 अक्टूबर 1975 को अरुणाचल प्रदेश के तुलुंग ला में असम राइफल की पैट्रोलिंग पार्टी पर एम्बुश लगाकर हमला किया था. इसमें भारत के 4 जवान शहीद हुए थे.

राजनाथ सिंह ने ली बैठक

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टॉफ़ जनरल बिपिन रावत, तीनों सेना प्रमुख और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की है.

गलवान घाटी पर दोनों देशों के बीच कैसे शुरू हुआ विवाद

भारत और चीन के सैनिकों के बीच 5 मई 2020 को पहली बार पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में हिंसक झड़प हुई थी. इसके बाद दोनों देशों के सैनिक दो और बार आपस में भिड़े थे. इस विवाद को खत्म करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर लगातार बातचीत जारी थी. दोनों देशों के बीच अपने-अपने स्तर पर कई बार बातचीत हुई लेकिन चीन के दोहरे रवैये के चलते सैनिकों की 10 से ज्यादा बार की बातचीत बेनतीजा रह चुकी हैं.लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) भारत और चीन के बीच सीमा है. एलएसी पर लद्दाख और उत्तरी सिक्किम में अनेक क्षेत्रों में भारत और चीन दोनों की सेनाओं ने हाल ही में सैन्य निर्माण किए हैं. इससे गतिरोध की दो अलग-अलग घटनाओं के दो हफ्ते बाद भी दोनों के बीच तनाव बढ़ने और दोनों के रुख में सख्ती का साफ संकेत मिलता है. गलवान वैली भारत चीन के लद्दाख सीमा रेखा का इलाक़ा है.

Source:-Kautilya Academy