नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि देश में अभी तक कुल 14 हजार 378 कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है। इसमें Four हजार 291 यानी 29.8% संक्रमित तब्लीगी जमात से जुड़े हुए हैं। जमात के सदस्यों के चलते 23 राज्यों में कोरोना का संक्रमण फैला। तमिलनाडु में 84%, दिल्ली में 63%, तेलंगाना में 79%, आंध्रप्रदेश में 61% और उत्तर प्रदेश के 59% संक्रमित तब्लीगी जमात से हैं या फिर इनके संपर्क में आए थे। सरकार के मुताबिक, देश के 47 जिलों में 28 दिन से कोई नया केस नहीं मिला है।

मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि हमारे देश में संक्रमण से मृत्यु दर 3.Three प्रतिशत है। यह अन्य कई देशों के मुकाबले काफी कम है। अभी तक हुई कुल मौतों में 83% बुजुर्ग थे या फिर उन्हें अन्य बीमारियां थीं। अग्रवाल ने बताया कि 23 राज्यों के 47 जिलों में पॉजिटिव ट्रेंड देखने को मिला है। यहां पिछले 28 दिन में संक्रमण का कोई मामला नहीं आया है। इसके अलावा 45 जिले ऐसे भी हैं, जहां 14 दिन से कोई केस सामने नहीं आया है। वहीं, सिर्फ Three जिलों में 14 दिन के बाद नए केस मिल रहे हैं। यह एक लड़ाई है इसलिए हमें हर दिन अपने आप को तैयार रखना पड़ेगा। 

सबसे ज्यादा मौतें बुजुर्गों की

आयु वर्ग मौत का प्रतिशत
zero से 4514.4%
45 से 6010.3%
60 से 6733.1%
75 से ज्यादा42.2%

विदेशी नागरिकों की वीजा अवधि बढ़ेगी
गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पीएस श्रीवास्तव ने कहा कि भारत में फंसे विदेशी नागरिकों को सरकार ने राहत दी है। इनकी वीजा अवधि 3 मई तक बढ़ाई जाएगी। विदेशी नागरिक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इन पर कोई पेनाल्टी भी नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि अगर विदेशी नागरिकों को एक्जिट परमिट की जरूरत है तो इसके लिए भी वे 17 मई तक आवेदन दे सकते हैं। कोई भी नागरिक 1930 और 1944 नंबर डायल कर सरकार से सहायता मांग सकता है।

स्वास्थ्यकर्मी बेवजह हाइड्रोक्सलीक्लोरीक्वीन न लें: आईसीएमआर

अग्रवाल ने बताया कि ब्लड डोनेशन पर फोकस किया जा रहा है ताकि गंभीर मरीजों का इलाज संभव हो सके। इसके लिए रक्त संग्रह केंद्र बनाए जाएंगे। गृह मंत्रालय ने कहा कि 20 अप्रैल से लॉकडाउन में छूट मिलने के बारे में रविवार को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किया जाएगा। आईसीएमआर ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मी बेवजह हाइड्रोक्सलीक्लोरीक्वीन दवा का प्रयोग न करें। अध्ययन से मालूम चला है कि 35 साल से कम के 10 प्रतिशत स्वास्थ्यकर्मी ने पेट दर्द की शिकायत की है। हाइड्रोक्सलीक्लोरीक्वीन दवा के साइड इफेक्ट पर शोध किया जा रहा है।