गुलाबो सिताबो

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पंकज शुक्ल, Up to date Fri, 12 Jun 2020 12:11 AM IST

Film Review: गुलाबो सिताबो
कलाकार: अमिताभ बच्चन, आयुष्मान खुराना, विजय राज, ब्रजेन्द्र काला, फार्रूख जफर, सृष्टि श्रीवास्तव आदि।
निर्देशक: शूजित सरकार
ओटीटी: प्राइम वीडियो
रेटिंग: *1/2

अमिताभ बच्चन ने अपने ट्विटर अकाउंट पर अपना परिचय लिखा है, “तुमने हमें पूज पूज कर पत्थर कर डाला; वे जो हम पर जुमले कसते हैं हमें जिंदा तो समझते हैं।” अपने बाबूजी की कविता की एक लाइन के सहारे मुन्ना ने अपने आलोचकों और अपने प्रशंसकों दोनों को नाप डाला। अमिताभ बच्चन को पूज पूज कर पत्थर कर देने वालों में नया नाम शूजित सरकार का जुड़ा है। प्रकाश मेहरा की जादूगर, मनमोहन देसाई की गंगा जमना सरस्वती, राकेश ओमप्रकाश मेहरा की अक्स, संजय लीला भंसाली की ब्लैक, विजय कृष्ण आचार्य की ठग्स ऑफ हिंदोस्तां के बाद भक्तों से हारे भगवान के मंदिर में चढ़ा अगला पत्थर है, गुलाबो सिताबो।

अमिताभ बच्चन एक कलाकार का नाम नहीं है। ये एक जीवित किवदंती का नाम है। उनके नाम जैसी ही उनकी आभा है। और, इस आभा के अनुरूप अगर फिल्म नहीं है, तो वह फिल्म कम से कम हिंदी पट्टी के दर्शकों को पसंद नहीं आने वाली। बाबूपट्टी के बच्चन को पैसे पैसे के लिए लाचार बुजुर्ग इंसान के रूप में कोई नहीं देखना चाहता। कोई नहीं देखना चाहता कि पुराने लखनऊ में आटा की चक्की चलाने वाला कोई बांके आकर उनसे अबे तबे में बात करे। और, कोई ये भी नहीं देखना चाहता कि अमिताभ बच्चन की हीरोइन किसी और के साथ भाग जाए। 78 के होने वाले हैं तो क्या? हीरोइन तो हीरोइन ही होती है ना, भले 15 साल बड़ी सही। शूबाइट के चक्कर में अमिताभ बच्चन से पहली बार मिलने वाले शूजित सरकार को अमिताभ का तिलिस्म समझने के लिए थोड़ा देश भ्रमण और करना चाहिए।
 

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