कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जनप्रतिनिधि लोगों को करें जागरूक: नीतीश कुमार

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पटना: बिहार के सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कोरोना (Corona) संक्रमण की रोकथाम के लिए बुधवार को एक बड़ी बैठक की. इसमें, बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के साथ सीएम ने त्रिस्तरीय पंचायती राज के प्रतिनिधियों और नगर निकाय के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधा संवाद किया.

जनप्रतिनिध जागरूक करें
इस दौरान सीएम ने सभी जनप्रतिनिधियों से कोरोना की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में अपील की. सीएम ने कहा कि, लॉकडाउन (Lockdown) के बाद बिहार खुल रहा है. ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. राज्य के तमाम जनप्रतिनिधियों से अनुरोध है कि, वो लोगों को संक्रमण से बचने के लिए जागरुक करें.

कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा
उन्होंने कहा कि, लॉकडाउन के बाद अनलॉक होते देश में कोरोना संक्रमण का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. ऐसे में बिहार सरकार के सामने भी करोना संक्रमण को रोकने के लिए बडी चुनौती खड़ी है. इस मौके पर जीविका जैसी हितधारी संस्थाओं की प्रतिनिधियों भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए सीएम के साथ सीधी जुड़ी.

अभी तक जनप्रतिनिधियों का बड़ा योगदान
सीएम नीतीश ने कहा कि, हमारे जनप्रतिनिधियों में काफी क्षमता है. बिहार में अबतक कोरोना संक्रमण को रोक पाने में जो भी सफलता हासिल हुई है, उसमें जनप्रतिनिधियों को बड़ा योगदान है. सीएम ने कहा कि, जब लॉकडाउन के हालात आए, उस वक्त भी उन्होंने जनप्रतिधियों से बातचीत की थी और उसका अच्छा परिणाम भी सामने आया.

जनप्रतिनिधियों ने बढ़ाई जागरूकता
नीतीश कुमार ने कहा कि, मुख्य सचिव से लेकर तमाम विभागों के पदाधिकारी कोरोना राहत के काम में लगातार जुटे हुए हैं. बिहार के लोगों में जनप्रतिनिधियों के जरिेए जागरुकता काफी हद तक फैली है. गांव के स्तर पर भी लोग बेहद जागरुक दिखे हैं. लोगों को ये बातें समझ में आ गई थीं कि बाहर से आनेवाला शख्स कोरोना संक्रमित हो सकता है. ऐसे में उसका इलाज सबसे पहले जरूरी है.

15 जून के बाद क्वारेंटाइन सेंटर बंद
सीएम ने अनलॉक हो रहे बिहार को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं की भी जानकारी जनप्रतिनिधियों को दी. उन्होंने कहा कि, बिहार के क्वारेंटाइन सेंटरों में फिलहाल 5 लाख से ज्यादा लोग रह रहे हैं. लेकिन 15 जून के बाद ये क्वारेंटाइन सेंटर बंद कर दिए जाएंगे. क्योंकि बाहर से आनेवाले लोग काफी हद तक वापस आ चुके हैं. कुछ लोग बचे हैं, वो एक-दो दिन में वापस आ जाएंगे. ऐसे में अब क्वारेंटाइन सेंटर की जरुरत नहीं पड़ेगी.

स्कूल-कॉलेज में नहीं होगा क्वारेंटाइन सेंटर
मुख्यमंत्री ने कहा कि, सरकार अब आईसोलेशन सेंटर चलाने की व्यवस्था पर ध्यान दे रही है. स्कूल-कॉलेजों में अब कोई सेंटर नहीं होगा. क्योंकि वहां पढ़ाई को शुरू कराना है. ऐसे में होटल या ऐसी सरकारी बिल्डिंग जिसका उपयोग नहीं किया जा रहा है, वहां आईसोलेशन सेंटर बनाए जाएंगे. सरकार ने अबतक 13 हजार 796 बेड के आईसोलेशन सेंटर की व्यवस्था कर ली है. जिसे बढ़ाकर 40 हजार बेड का किया जाएगा.

3 कोविड केयर हॉस्पिटल बनाए गए
सीएम ने कहा कि, बाद के दिनों में अगर कोई शख्स संक्रमित पाया जाता है तो उसे, आईसोलेशन सेंटर में रखा जाएगा. सरकार अनुमंडल या प्रखंड स्तर पर आईसोलेशन सेंटर की व्यवस्था करने जा रही है. गंभीर संक्रमित मरीजों को कोविड केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाएगा. पूरे बिहार में तीन कोविड केयर हॉस्पीटल बनाए गए हैं, जहां 2244 बेड की व्यवस्था की गयी है.

ग्रामीण डॉक्टरों की भूमिका बढ़ी
उन्होंने बताया कि, बिहार सरकार ने एक क्वारेंटाइन सेंटर में एक व्यक्ति के रखने पर 5300 रुपए खर्च किए हैं. सीएम ने संवाद कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण चिकित्सकों से भी अपील की है. नीतीश कुमार ने कहा कि, सरकार ने कुछ दिनों पहले ही ग्रामीण चिकित्सकों को ट्रेनिंग देने का काम किया है. ऐसे में कोरोना संक्रमण की रोकथाम में अब ग्रामीण चिकित्सकों की भी भूमिका काफी बढ़ गई है.

मास्क लगातार पहनें
सीएम ने कहा कि, ग्रामीण चिकित्सक को भी लगता है कि, अगर किसी मरीज में कोरोना के लक्षण हैं तो, तत्काल मरीज को जांच कराने की सलाह दें. उन्होंने कहा कि, अनलॉक होते प्रदेश में अब लोगों को ये समझाना होगा कि, वो मास्क लगातार पहनें. साफ सफाई का ख्याल रखें. बच्चे-बूढे और गर्भवती महिलाओं पर संक्रमण का प्रभाव घातक होता है, इसलिए उन्हें संक्रमित होने से बचाने की जरुरत है.

‘समाज में कुछ लोग नफरत फैलाने का काम करेंगे’
सीएम ने कहा कि, डाक्टर, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस और प्रशासन ने काफी बेहतर काम किया है. लेकिन अनलॉक होने की स्थिती में कई स्तर पर लोग समाज में नफरत भी फैलाने का काम करेंगे. ऐसे में सभी को सचेत रहने की जरुरत है. मेरा अनुरोध है कि, समाज में प्रेम बना रहे और लोग इस ओर ज्यादा ध्यान दे तो बेहतर होगा. कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए पोस्टर, लाउडस्पीकर, रेडियो, टेलीविजन के जरिए लोगों को लगातार जागरूक किया जाएगा.

आपदा के समय हमने पहले भी काम किया
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि, आपदा के वक्त हमने पहले भी काम किया है. कोसी की त्रासदी हो या फिर सूखे के हालात, सरकार ने हर चुनौती में लोगों की मदद की है और हम आपदा से निकलें हैं. इस बार भी आपदा के हालात हैं और इस हालात से भी अच्छे से उबरेंगे. इस काम में जनप्रतिनिधियों को सहयोग बेहद जरुरी है.

रोजगार के अवसर पैदा करने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि, सरकार की कोशिश होगी कि, मजबूरी में किसी को बिहार से बाहर जाने की जरूरत न पड़े. इसके लिए सरकार को ओर से रोजगार के अवसर पैदा करने से लेकर कुशल श्रमिकों की पहचान तक की जा रही है.

कोरोना से डरना नहीं सतर्क रहना है
इधर, कार्यक्रम के दौरान मौजूद डीप्टी सीएम सुशील मोदी (Sushil Modi) ने कहा कि, हमें कोरोना से डरना नहीं, सतर्क रहना है. इस संक्रमण को रोकने के लिए न तो कोई दवा है और न कोई टीका है. 2 गज की दूरी, चेहरे पर मास्क और साफ रहना यही एकमात्र बचाव का तरीका है.

‘लॉकडाउन ने बचाई लाखों जिंदगियां’
सुशील मोदी ने पीएम और सीएम को देश और प्रदेश में सही समय पर लॉकडाउन लागू करने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि, सही समय पर लॉकडाउन लागू करने की वजह से ही लाखों जिंदगियां बचाई जा सकी.

‘टेस्ट की क्षमता को 10 हजार प्रतिदिन करना लक्ष्य’
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि, मास्क हमारे जीवन का अहम हिस्सा होने जा रहा है. इसलिए ये जरुरी है कि, लोग मास्क पहनने की आदत डालें. बिहार में अभी प्रतिदिन तीन हजार कोरोना टेस्ट हो रहे हैं. इस महीने तक हमलोग 6 हजार टेस्ट प्रतिदिन कर सकेंगे और जल्द ही प्रतिदिन 10 हजार कोरोना टेस्ट की क्षमता का लक्ष्य हासिल कर लेंगे.



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