बच्ची के साथ दुष्कर्म (सांकेतिक)

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Up to date Mon, 01 Jun 2020 08:14 PM IST

बच्ची के साथ दुष्कर्म (सांकेतिक)
– फोटो : Social media

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मध्यप्रदेश पुलिस ने छतरपुर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर नौगांव थानाक्षेत्र में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ चार वर्षीय मासूम बालिका के साथ लात्कार और फिर उसकी हत्या करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में नौगांव पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।

जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुमार सौरभ ने सोमवार को बताया कि 28 और 29 जून की दरम्यानी रात की यह घटना नौगांवा थानाक्षेत्र के एक गांव की है। 29 जून की सुबह चार साल की बच्ची का शव कुंए में मिला था। सोमवार को प्राप्त हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 302, धारा 376, धारा 201 और पॉस्को कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। मामले में संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में नौगांव पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक बैजनाथ शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। एसपी ने पीड़ित परिवार के हवाले से बताया कि बच्ची रात में अपने दादा के साथ आंगन में सो रही थी।

सुबह चार बजे बारिश होने पर जब देखा गया तो बच्ची आंगन में नहीं थी। इस पर पूरे गांव में बच्ची को तलाशा गया। गांव के एक व्यक्ति ने एक लड़की का शव कुंए में होने की सूचना दी। परिवार ने कहा कि नौगांव थाने के पुलिस निरीक्षक से बालिका के साथ दुष्कर्म होने की बात बताई गई फिर भी वे मामले की जांच के लिए गांव में नहीं आए।

कमलनाथ ने शिवराज सरकार को घेरा

उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी लगते ही छतरपुर के डीआईजी विवेक राज सिंह और सागर जोन के आईजी अनिल शर्मा गांव में पहुंच गए। इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर शिवराज सरकार को घेरने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा, ‘शिवराज सरकार में लॉकडाउन में भी दुष्कर्म , गैंगरेप , हत्या, चोरी, लूट की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। छतरपुर के नौगांव में एक मासूम बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना शर्मसार करने वाली है।

मासूम बच्चियां भी सुरक्षित नहीं।’ उन्होंने कहा कि जो लोग विपक्ष में इस तरह की घटनाओं पर मासूम बच्चियों को लेकर धरना देते थे, आज सत्ता में आते ही ऐसी घटनाओं पर मौन क्यों हैं? इस घटना में पुलिस की लापरवाही की बात सामने आ रही है। दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो, लापरवाहों को दंडित किया जाए, पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद की जाए।

मध्यप्रदेश पुलिस ने छतरपुर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर नौगांव थानाक्षेत्र में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ चार वर्षीय मासूम बालिका के साथ लात्कार और फिर उसकी हत्या करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में नौगांव पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।

जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुमार सौरभ ने सोमवार को बताया कि 28 और 29 जून की दरम्यानी रात की यह घटना नौगांवा थानाक्षेत्र के एक गांव की है। 29 जून की सुबह चार साल की बच्ची का शव कुंए में मिला था। सोमवार को प्राप्त हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 302, धारा 376, धारा 201 और पॉस्को कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। मामले में संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में नौगांव पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक बैजनाथ शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। एसपी ने पीड़ित परिवार के हवाले से बताया कि बच्ची रात में अपने दादा के साथ आंगन में सो रही थी।

सुबह चार बजे बारिश होने पर जब देखा गया तो बच्ची आंगन में नहीं थी। इस पर पूरे गांव में बच्ची को तलाशा गया। गांव के एक व्यक्ति ने एक लड़की का शव कुंए में होने की सूचना दी। परिवार ने कहा कि नौगांव थाने के पुलिस निरीक्षक से बालिका के साथ दुष्कर्म होने की बात बताई गई फिर भी वे मामले की जांच के लिए गांव में नहीं आए।

कमलनाथ ने शिवराज सरकार को घेरा

उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी लगते ही छतरपुर के डीआईजी विवेक राज सिंह और सागर जोन के आईजी अनिल शर्मा गांव में पहुंच गए। इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर शिवराज सरकार को घेरने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा, ‘शिवराज सरकार में लॉकडाउन में भी दुष्कर्म , गैंगरेप , हत्या, चोरी, लूट की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। छतरपुर के नौगांव में एक मासूम बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना शर्मसार करने वाली है।

मासूम बच्चियां भी सुरक्षित नहीं।’ उन्होंने कहा कि जो लोग विपक्ष में इस तरह की घटनाओं पर मासूम बच्चियों को लेकर धरना देते थे, आज सत्ता में आते ही ऐसी घटनाओं पर मौन क्यों हैं? इस घटना में पुलिस की लापरवाही की बात सामने आ रही है। दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो, लापरवाहों को दंडित किया जाए, पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद की जाए।

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