Aatm nirbhar Bharat: PM Modi calls for self-reliance to achieve global leadership after Covid-19 crisis

PM Modi ने किया 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान

Prime Minister Narendra Modi has known as for reaching self-reliance to struggle and win the Covid-19 disaster.

 

 

Aatm nirbhar Bharat: PM Modi requires self-reliance to realize world management after Covid-19 disaster (PTI picture)

Prime Minister Narendra Modi on Tuesday known as for reaching self-reliance to struggle and win the struggle in opposition to the novel coronavirus outbreak. Addressing the nation for the fifth time since March, the prime minister mentioned that India has the potential to not simply win the Covid-19 battle but additionally emerge as a worldwide chief after this.

“When the world is in disaster, we should pledge – a pledge which is larger than the disaster itself. We should try to make the 21st century India’s century. And the trail to do this is self-reliance,” PM Narendra Modi mentioned.

Giving an instance of India can obtain self-reliance, the prime minister mentioned that when the Covid-19 outbreak began India didn’t manufacture ay PPE kits, however at this time India has the capability to fabricate 2 lakh PPE kits and a couple of lakh N95 masks. “India has transformed disaster into alternative. This perspective will assist us obtain self-reliance,” the PM mentioned.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्‍ट्र के नाम संबोधन दे रहे हैं। उन्‍होंने आज कोरोना संकट के दौर में 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। उन्‍होंने कहा, कोरोना संकट का सामना करते हुए, नए संकल्प के साथ मैं आज एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं। ये आर्थिक पैकेज, ‘आत्म निर्भर भारत अभियान’ की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा। हाल में सरकार ने कोरोना संकट से जुड़ी जो आर्थिक घोषणाएं की थीं, जो रिजर्व बैंक के फैसले थे, और आज जिस आर्थिक पैकेज का ऐलान हो रहा है, उसे जोड़ दें तो ये करीब-करीब 20 लाख करोड़ रुपए का है।

ये पैकेज भारत की GDP का करीब-करीब 10 प्रतिशत है। इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को, 20 लाख करोड़ रुपए का संबल मिलेगा, सपोर्ट मिलेगा। 20 लाख करोड़ रुपए का ये पैकेज, 2020 में देश की विकास यात्रा को, आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए, इस पैकेज में Land, Labour, Liquidity और Legal guidelines, सभी पर बल दिया गया है। ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग,गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोले उद्योग, हमारे MSME के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है।

ये आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए है, देश के उस किसान के लिए है। जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन रात परिश्रम कर रहा है। ये आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है, देश के विकास में अपना योगदान देता है। आपने भी अनुभव किया है कि बीते 6 वर्षों में जो Reforms हुए, उनके कारण आज संकट के इस समय भी भारत की व्यवस्थाएं अधिक सक्षम, अधिक समर्थ नज़र आईं हैं।

अब Reforms के उस दायरे को व्यापक करना है, नई ऊंचाई देनी है। ये रिफॉर्मस खेती से जुड़ी पूरी सप्लाई चेन में होंगे, ताकि किसान भी सशक्त हो और भविष्य में कोरोना जैसे किसी दूसरे संकट में कृषि पर कम से कम असर हो। साथियों, आत्मनिर्भरता, आत्मबल और आत्मविश्वास से ही संभव है। आत्मनिर्भरता, ग्लोबल सप्लाई चेन में कड़ी स्पर्धा के लिए भी देश को तैयार करती है।

उन्‍होंने कहा है कि, साथियों, एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है। विश्व भर में करोड़ों जिंदगियां संकट का सामना कर रही हैं। सारी दुनिया, जिंदगी बचाने की जंग में जुटी है। एक राष्ट्र के रूप में आज हम एक बहुत ही अहम मोड़ पर खड़े हैं। इतनी बड़ी आपदा, भारत के लिए एक संकेत लेकर आई है, एक संदेश लेकर आई है, एक अवसर लेकर आई है। जब कोरोना संकट शुरू हुआ, तब भारत में एक भी पीपीई (PPE) किट नहीं बनती थी। एन-95 मास्क का भारत में नाममात्र उत्पादन होता था। आज स्थिति ये है कि भारत में ही हर रोज 2 लाख PPE और 2 लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं।

भारत की प्रगति में तो हमेशा विश्व की प्रगति समाहित रही है। भारत के लक्ष्यों का प्रभाव, भारत के कार्यों का प्रभाव, विश्व कल्याण पर पड़ता है। जब भारत खुले में शौच से मुक्त होता है तो दुनिया की तस्वीर बदल जाती है। टीबी हो,कुपोषण हो, पोलियो हो, भारत के अभियानों का असर दुनिया पर पड़ता ही पड़ता है।

जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही दुनिया में आज भारत की दवाइयां एक नई आशा लेकर पहुंचती हैं। इन कदमों से दुनिया भर में भारत की भूरि-भूरि प्रशंसा होती है, तो हर भारतीय गर्व करता है। दुनिया को विश्वास होने लगा है कि भारत बहुत अच्छा कर सकता है, मानव जाति के कल्याण के लिए बहुत कुछ अच्छा दे सकता है। सवाल यह है -कि आखिर कैसे? इस सवाल का भी उत्तर है- 130 करोड़ देशवासियों का आत्मनिर्भर भारत का संकल्प।

आज हमारे पास साधन हैं, हमारे पास सामर्थ्य है, हमारे पास दुनिया का सबसे बेहतरीन टैलेंट है, हम Greatest Merchandise बनाएंगे, अपनी High quality और बेहतर करेंगे, सप्लाई चेन को और आधुनिक बनाएंगे, ये हम कर सकते हैं और हम जरूर करेंगे। यही हम भारतीयों की संकल्पशक्ति है। हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं, कोई राह मुश्किल नहीं। और आज तो चाह भी है, राह भी है। ये है भारत को आत्मनिर्भर बनाना।

आत्मनिर्भर भारत की ये भव्य इमारत, पाँच Pillars पर खड़ी होगी। पहला पिलर Financial system, एक ऐसी इकॉनॉमी जो Incremental change नहीं बल्कि Quantum Leap लाए, दूसरा पिलर Infrastructure, एक ऐसा Infrastructureजो आधुनिक भारत की पहचान बने। तीसरा पिलर- हमारा System- एक ऐसा सिस्टम जो बीती शताब्दी की रीति-नीति नहीं, बल्कि 21वीं सदी के सपनों को साकार करने वाली Know-how Pushed व्यवस्थाओं पर आधारित हो। चौथा पिलर- हमारी Demography- दुनिया की सबसे बड़ी Democracy में हमारी Vibrant Demography हमारी ताकत है, आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है।

देश में सबसे पहले 25 मार्च को लॉकडाउन लगाया गया था। इसके बाद दूसरा चरण 14 अप्रैल को और तीसरा चरण four मई से शुरू हुआ था। 17 मई को यह समाप्‍त होने जा रहा है। देश में कोरोना संक्रमण पर अभी काबू नहीं पाया जा सका है। दिनों दिन मामले बढ़ते जा रहे हैं। मंगलवार को पीएम मोदी ने देश भर के मुख्‍यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से मीटिंग की थी, इसमें कई राज्‍यों ने लॉकडाउन बढ़ाए जाने की मांग की थी।


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